Wednesday, May 11, 2011

बाल श्रम, मज़बूरी या मजदूरी

आज 21 वीं शताब्दी में बाल श्रम जैसा शब्द कर्ण अप्रिय लगता है. लेकिन हमारे समाज का ये एक घिनौना सच है. सरकार की विभिन्न योजनाओं के बावजूद इस से निजात पाना एक चुनौती बन गया है.

पेश है नीतीश कुमार की विशेष रिपोर्ट.

Tuesday, May 10, 2011

प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 6 रुपये 42 पैसे का खर्च



बिहार सरकार प्रत्येक बिहार वासी पर प्रत्येक दिन 6 रुपये 42 पैसे खर्च करती है। राज्य सरकार इसी पैसे से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और खाद्यान्न आदि का प्रबंध करती है। यह आंकड़ा पूरी तरह सरकारी है। वर्ष 2011 की जनगणना के बाद यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि बिहार में प्रति व्यक्ति औसत आय 11 हजार रुपये की सीमा को पार कर चुकी है। इस लिहाज से एक बिहारी की रोजाना आय केवल 30 रुपये है। अर्थार्त प्रत्येक बिहारी नागरिक की अपनी आय केवल 23 रुपये 58 पैसे हैं।

अब यदि सरकारी खर्च की बात करें तो यह महज संयोग नहीं है कि सरकार सबसे अधिक खर्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये करती है। मसलन बिहार सरकार ने मानव संसाधन विकास विभाग के मद में वर्ष 2011-12 के दौरान कुल 24000 करोड़ रुपये के अपने योजना आकार में से 3014 करोड़ रु[पये खर्च करने की योजना बनाई है। वर्तमान जनसंख्या से भाग देने पर जो राशि प्राप्त होती है, उसके अनुसार बिहार सरकार प्रति माह 24 रुपये 20 पैसे शिक्षा के मद में खर्च करती है। इसी प्रकार 4 रुपये 35 पैसे की सहायता राज्य सरकार सूबे के एक नागरिक के स्वास्थ्य का ख्याल रखती है। जबकि पीने हेतु पेयजल और खेतों में सिंचाई हेतु जल उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार प्रति मात 24 रुपये 17 पैसे खर्च करती है।

खेती के सहारे बिहार को विकसित बनाने के लिय राज्य सरकार की दृढता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से प्रतिमाह 9 रुपये 75 पैसे खर्च करती है। अन्य विभागों की बात करें तो सूबे के अल्पसंख्यकों के लिये सरकार का हृदय अत्यंत ही विशाल है। ऐसा इसलिये कि सूबे के प्रत्येक अल्पसंख्यक नागरिक पर राज्य सरकार प्रतिमाह 4 रुपये 83 पैसे खर्च करती है। बताते चलें कि सूबे में अल्पसंख्यकों की आबादी कुल आबादी का 15 प्रतिशत (पूर्व में यह 16 फ़ीसदी हुआ करता था) राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिये कुल 90 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सामाजिक दृष्टिकोण से राज्य सरकार सबसे अधिक राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों पर मेहरबान है। इसकी वजह यह है कि इन समुदायों के प्रत्येक व्यक्ति के लिये राज्य सरकार ने प्रत्येक माह 24 रुपये 17 पैसे खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि राज्य की आबादी में 60 फ़ीसदी हिस्सेदारी रखने वाले पिछड़ों और अति पिछड़ों के लिये सरकार ने प्रति माह केवल 92 ही खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बहरहाल, यह उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा स्थापना एवं अन्य पूर्व निर्धारित मदों ( जिनका संबंध आम जनता से नहीं होता है) के तहत कुल राशि का 36-37 फ़ीसदी हिस्सा खर्च कर देती है। इस प्रकार प्रति व्यक्ति होने वाले सरकारी खर्च का अनुमान इसी मात्र से लगाया जा सकता है।
एक बिहारी पर माहवार सरकारी खर्च

विभाग का नाम
खर्च

मानव संसाधन विकास विभाग
24.20 रुपये

स्वास्थ्य विभाग
04.35 रुपये

उद्योग विभाग
00.33 रुपये

जल संसाधन विभाग
24.17 रुपये

कृषि विभाग
09.75 रुपये

अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण
24.17 रुपये

पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग
00.92 रुपये

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
04.83 रुपये



श्रोत – बिहार सरकार द्वारा जारी बजट और वर्ष 2011 की जनगणना रिपोर्ट के आधार पर






Nitish Kumar



Mob.- 9534711912

Sunday, April 3, 2011


28 साल बाद भारत ने दोहराया इतिहास


28 वर्षों का लंबा इंतजार कल खत्म हो गया। भारतीय क्रिकेट टीम ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर सवा अरब भारतीयों को खुशी का ऐसा लम्हा दिया, जिसमें पूरा देश सराबोर हो उठा। मैच के दौरान ऐसे अनेक पल आये जब नाटकीय स्थिति बनी रही। सबसे पहले टॉस को लेकर एक बार अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी क्योंकि पहली बार जब सिक्का उछाला गया तो मैच रेफ़री सुन नहीं पाए कि कुमार संगकारा ने क्या कहा. उसके बाद दोबारा टॉस करना पड़ा और श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने छह विकेट के नुक़सान पर 274 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और इसमें महेला जयवर्द्धने के शतक की अहम भूमिका रही.

जवाब में भारत की जीत में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और गौतम गंभीर ने एक अहम भूमिका निभाई. धोनी ने 79 गेंदों में 91 रन बनाकर नॉट आउट रहे जबकि गंभीर 97 रन बनाकर वह तिसारा परेरा की गेंद पर बोल्ड हुए. शुरुआती झटकों के बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली मिलकर पारी को संभाल रहे थे इस साझेदारी की बदौलत भारत ने अपने 100 रन भी पूरे कर लिए थे.

जैसे ही भारत ने श्रीलंका पर जीत हासिल किया, पूरे देश के साथ-साथ बिहार भी झुम उठा। राजधानी पटना में तो पूरा आकाश रंग-बिरंगी आतिशबाजी का गवाह बना। लोग पूरे उत्साह के साथ भारत माता की जय का नारा लगाते दिखे। भारत के विश्व चैम्पियन बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित अनेक नेताओं ने शुभकामना दी। उधर राजधानी पटना में भी कई स्थानों पर लोगों ने सामूहिक रुप से मैच का आनंद लिया।

भारतीय क्रिकेट टीम के विश्व चैंपियन बनते ही खिलाड़ियों पर पैसे और पुरस्कारों की बारिश होने लगी है। इसकी शुरुआत सबसे पहले बीसीसीआई ने टीम के हर खिलाड़ी को एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा के साथ की। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान ही टीम के सभी 15 सदस्यों को एक-एक करोड़ रुपये, कोच गैरी कर्स्टन और उनके सहयोगी स्टाफ में से प्रत्येक को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। बीसीसीआई ने इसके साथ ही चयन समिति के प्रत्येक सदस्य को 25 लाख रुपये देने का भी ऐलान किया। इसके अलावा टीम इंडिया को विश्व विजेता बनने पर चमचमाती ट्रोफी के अलावा साढ़े 32 लाख डॉलर की भारी भरकम इनामी राशि भी मिली, जिससे टीम का हर खिलाड़ी बीसीसीआई की घोषणा से पहले ही एक-एक करोड़ का मालिक बन गया था। दिल्ली सरकार टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दो करोड़ रुपये और दिल्ली के खिलाड़ी-गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली और आशीष नेहरा को एक-एक करोड़ रुपये बतौर इनाम देगी। गुजरात सरकार ने अपने सूबे के खिलाड़ियों यूसुफ पठान और मुनफ पटेल को सर्वोच्च खेल पुरस्कार एकलव्य अवॉर्ड देने की घोषणा की है।


इस मौके पर मेरी आखें नाम थी. ख़ुशी इतनी की मुँह से कुछ बयां भी नहीं कर सकता. पर सर तो गर्व से ऊँचा था. आज उन 11 खिलाड़िओं ने वो कर दिखाया जो 28 वर्षों से हर भारतबासियों का सपना था. पहले जब घर में पापा कपिल देव के ज़माने की क्रिकेट की बात करते थे और कहते थे की उसने भारत को विश्व कप दिलाई तो दिल में एक आस जगती थी की काश मै भी उस मैच का गवाह होता. आज जब भारत ने ये मुकाम हासिल किया तो दिल भर गया पर हर लम्हा दिल में बसा है. और ये है कभी न भूलने वाला पल. 02 अप्रैल 2011..

जय हिंद


नीतीश कुमार.

Mob.- 9534711912

Sunday, March 27, 2011


खेल होमोसेक्शुअलटी का


मुंबई।। फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस मामले में नए एक्टर के आरोप से बदलते बॉलिवुड का असली चेहरा सामने आ गया है। होमोसेक्शुअलटी पर बनी एक फिल्म में काम कर चुके युवराज पराशर ने ' माई ब्रदर निखिल ' , ' बस इक पल ' जैसी संवेदनशील फिल्में बना चुके डायरेक्टर ओनीर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। हालांकि , ओनीर का कहना है कि मैं गे हूं यह बात कभी छिपाई नहीं और जो कुछ भी हुआ, वो आपसी सहमति से हुआ है। उन्होंने युवराज के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है। आगरा के रहने वाले 28 वर्षीय युवराज फिलहाल फिल्म इंडस्ट्री में पांव जमाने की कोशिश कर रहे हैं। वह पिछले साल जीनत अमान के साथ होमोसेक्शुअलटी पर एक फिल्म में काम कर चुके हैं, जो फ्लॉप रही थी। युवराज का कहना है, ' मैंने काम पाने के लिए मधुर भंडारकर और ओनीर से मेरी फिल्म देखने की गुजारिश की थी। भंडारकर ने बिजी शेड्यूल का हवाला देकर फिल्म देखने से मना कर दिया लेकिन ओनीर तैयार हो गए। उन्होंने मंगलवार को वर्सोवा स्थित अपने घर पर साथ फिल्म देखने के लिए बुलाया। ' ऐक्टर ने कहा , ' मैं रात पौने ग्यारह बजे ओनीर के घर पहुंचा और हम लिविंग रूम में डीवीडी पर फिल्म देखने लगे। इस दौरान डायरेक्टर ने मुझे 6-7 पैग शराब पिलाई। फिल्म के बीच में ओनीर ने कहा कि चलो बची फिल्म बेडरूम में देखेंगे। ' युवराज का आरोप है कि वहां डायरेक्टर ने उनके साथ बदसलूकी की। दूसरी तरफ ओनीर का कहना है कि युवराज शारीरिक रूप से मेरे से मजबूत हैं और ऐसे में उनके साथ मैं जबरदस्ती नहीं कर सकता। ओनीर का कहना है कि जो कुछ भी हुआ आपसी सहमति से हुआ लेकिन अब सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए युवराज यह सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह युवराज पर मानहानि का दावा करने जा रहे हैं।


नीतीश कुमार


Mob.-9534711912


था कोई अजनबी. दिल जो हमारा ले गया, था कोई अजनबी. एक सहारा सा दे गया था कोई अजनबी. रुख्शत किया हमें उसने इतनी बेरुखी से, और सिकवा दे गया था कोई अजनबी. जिंदगी है छोटी और रास्ते है लम्बे, तनहा जो छोड़ गया,था कोई अजनबी. गम नहीं है ज़ख्मों का,जो अपनों से मिला, जो दिल तोड़ के गया, था कोई अजनबी. आखें जो ढूंढ़ती है, वो तस्वीर नहीं कोई, जो ख्वाबों में छा गया. था कोई अजनबी.. नीतीश कूमार Mob.-9534711912

Friday, March 11, 2011


गोरखनाथ में गोरखधंधा

पटना।। पैरंट्स सावधान ! पटना में साइबर कैफों में छापे के दौरान कॉन्डम मिले और करीब 40 जोड़ों को आपत्तिजनक हालत में पाया गया। एक साइबर कैफे में तो क्यूबिकल्स में बेड तक लगे हुए थे। पुलिस ने बताया कि इनमें से ज्यादातर कपल्स अच्छे परिवार से ताल्लुक रखने वाले 16 से 18 साल के टीनएजर्स हैं। एसपी ( सिटी ) शिवदीप लांडे ने बताया कि गांधी मैदान, कदमकुआं, पीरबहोर, कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी के 12-13 साइबर कैफों में छापे के दौरान हमने जो देखा वह चौंकाने वाला था। उन्होंने बताया कि रेड पड़ते ही टीनएजर कपल्स ने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। सबको थाने ले जाया गया लेकिन लड़कियों को वॉर्निंग देकर छोड़ दिया गया। एसपी सिटी ने कहा कि उनकी हिरासत से परिवारों की प्रतिष्ठा को धक्का लगता, इसलिए यह कदम उठाया गया। लड़कों को हिरासत में लेने के बाद उनके पैरंट्स को बुलाया गया और पर्सनल बॉन्ड भरवाने के बाद छोड़ गया। पुलिस ने कहा कि जिन साइबर कैफों से कॉन्डम मिले हैं, उनके मालिकों को गिरफ्तार किया जाएगा। दरअसल, पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि साइबर कैफों की आड़ में कुछ और ही खेल चल रहा है। इसके मद्देनजर कई थाना क्षेत्रों की पुलिस ने विशेष जांच अभियान छेड़ा। बोरिंग रोड के गोरखनाथ काम्प्लेक्स में लगभग एक घंटा तक चली कार्रवाई के दौरान लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। चार कैफों में आपत्तिजनक सामान भी मिला है। सात लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। कई कैफों में सिंगल एंट्री पर 10 और कपल के साथ 20 रुपये की रेट लिस्ट भी कहानी बयां कर रही थी। क्यूबिक में कंप्यूटर के साथ दराज में आपत्तिजनक कॉन्डम रखने वाले साइबर कैफों ने केबिन के प्रति घंटा रेट काफी ऊंचा रखा है।

आपको ये भी याद दिलाते चले की एक दिन पहले ही पटना पुलिस ने राजा बाज़ार स्थित चौरसिया रेस्तरां में छापा मारकर काफी लड़के लड़कियों को पकड़ा था.
और तब भी काफी अफरातफरी का माहौल था....

पर आज ऐसे जगहों पर छापा मारना तो सही है पर इस से एक सवाल भी पैदा होता है....
आज जहा हमारे संबिधान में LIVE IN RELATIONSHIP की बात हो रही है वही ऐसे जगहों पर छापा मरना कितना सही है?
ये सवाल मै साइबर कैफे को लेकर नहीं बल्कि रेस्तरां में मारे गये छापे को लेकर उठा रहा हूँ.
सोचने वाली बात ये है की अगर लड़का लड़की राज़ी है तो किसी को फिर क्या दिक्कत है??
और LIVE IN RELATIONSHIP के अंतर्गत हमारी संबिधान भी तो यही कहती है..

आप इस पर अपनी राय जरुर दे.

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Nitish kumar

Mob.- 9534711912

Tuesday, March 8, 2011

TUM MERI JAAN HO

Meri Rooh Nikalne Wali Hogi

Meri Sans Bikharne Wali Hogi
Phir Daman Zindgi Ka Chute Ga

Dhaga Sans Ka Bhi Tute Ga
Phir Wapis Hum Na Aayenge

Phir Hum Se Koi Na Roothe Ga
Phir Ankhon Me Noor Na Hoga

Phir Dil Gham Se Choor Na Hoga
Us Pal Tum Hum Ko Thamo Ge

Humay Dost Apna Mano Ge
Phir Hum Na Kuch B Bolien Ge

Ankhen Bhi Na Kholien Ge
Us Pal Tum Ro Do Ge

{BAS PHIR TUM HUM KO KHO DO GAY}

Tum Aksr Sochty Hon Gy

Hum Tumhein Yaad Nhi Krty
Tumhein Hum Bhool Jate Hein

Mgar Ye Bhool Tumhari Hy
Asal Mein Baat Kuch Yun Hy

K Jab Tum Yaad Aate Ho
To Kuch B Yaad Nahi Rehta

Or Tumhari Yaad Mein Kho Kr
Hum Batana Bhool Jate Hein

K Tum Kitna Yaad Aate Ho..!

Dedicated To My LOVE "SweetU"